अन्ना हजारे का भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी संघर्ष और उनको मिल रहा व्यापक जनसमर्थन इस बात का संकेत है कि जनता बदलाव चाहती है। यह बदलाव सिर्फ भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही नहीं बल्कि शासन और सत्ता के प्रत्येक स्तर पर जरूरी है। लोग अन्ना हजारे का समर्थन सिर्फ इसलिए नहीं कर रहे हैं कि उन्हें भ्रष्टाचार से मुक्ति चाहिए बल्कि लोग चाहते हैं कि अन्ना की आँधी के बहाने पथभ्रष्ट हो चुकी राजनीतिक व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन हो।
Wednesday, 17 August 2011
Thursday, 11 August 2011
हसरत थी...
हसरत थी तेरे चेहरे को रौशन देखूं,
बस दुआ में मांग ली थोड़ी सी चांदनी।
बस दुआ में मांग ली थोड़ी सी चांदनी।
हसरत थी तेरे चेहरे को रौशन देखूं,
बस दुआ में मांग ली गुलशन की हँसी।
हसरत थी तेरे चेहरे को रौशन देखूं,
बस दुआ में मांग ली सूरज से दोस्ती।
हसरत थी तेरे चेहरे को रौशन देखूं,
बस दुआ में मांग ली सारे जहां की खुशी।
हसरत थी तेरे चेहरे को रौशन देखूं,
बस दुआ में मांग ली खुद तेरी बंदगी।
सोनी किशोर सिंह
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