हसरत थी तेरे चेहरे को रौशन देखूं,
बस दुआ में मांग ली थोड़ी सी चांदनी।
बस दुआ में मांग ली थोड़ी सी चांदनी।
हसरत थी तेरे चेहरे को रौशन देखूं,
बस दुआ में मांग ली गुलशन की हँसी।
हसरत थी तेरे चेहरे को रौशन देखूं,
बस दुआ में मांग ली सूरज से दोस्ती।
हसरत थी तेरे चेहरे को रौशन देखूं,
बस दुआ में मांग ली सारे जहां की खुशी।
हसरत थी तेरे चेहरे को रौशन देखूं,
बस दुआ में मांग ली खुद तेरी बंदगी।
सोनी किशोर सिंह
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