Saturday, 13 April 2013

तेरी तस्वीर में हैं हज़ारों रंग
सबको नजर में भर लूँ कैसे,
अब सोचा है...हर्फ़ हर्फ़ लिखूँ
और फुर्सत में पढ़ लूँ तुझे

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